SDM and SDO कैसे बने और इन दोनों के बीच में अंतर क्या होता है। कितनी योग्यता चाहिए और कितना वेतन मिलेगा।

SDM and SDO कैसे बने और इन दोनों के बीच में अंतर क्या होता है। कितनी योग्यता चाहिए और कितना वेतन मिलेगा।

 

एसडीओ क्या होता है

 

एसडीओ एक ऑफिसर होता है जो हर क्षेत्र में बनाया जाता है जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स के फील्ड में और और सिविल फील्ड में यह अपना काम करते हैं यह अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हिसाब से बांटे जाते हैं और वहां पर इनकी नियुक्ति की जाती है इनका काम हर क्षेत्र में अलग अलग हो सकता है वैसे बता दें एसडीएम एसडीएम से कम नहीं होता इसकी पावर भी इतनी ही होती है जितनी अष्टम की होती है और यह अपने क्षेत्र में सभी को काम करने के लिए व्यवस्था बनाकर चलता है एसडीएम सिर्फ दफ्तर में बैठकर काम करता है पर एसडीओ घूम घूम कर और इधर उधर जाकर काम करता है।

 

एसडीओ कितने प्रकार के होते हैं।

 

एसडीओ कई प्रकार के हो सकते हैं जैसे पुलिस विभाग एसडीओ सिंचाई विभाग एसडीओ बिजली विभाग एसडीओ यह सब अलग-अलग क्षेत्र हैं जिनमें एसडीओ की नियुक्ति की जाती है यह राज्य सरकार के अंडर में काम करते हैं और इनको पब्लिक सर्विस कमीशन यानी लोक सेवा आयोग की जो परीक्षा होती है उनको पास करके ही एसडीओ बना जा सकता है।

 

एसडीओ बनने के लिए हमारे पास किन किन योग्यताओं का होना जरूरी हैअगर आप एसडीओ बनने के लिए परीक्षा देना चाहते हैं तो आपको हर विभाग के हिसाब से अलग-अलग सब्जेक्ट होने आपके पास अनिवार्य है अगर आपको बिजली विभाग में एसडीओ बनना है तो आपको इंजीनियरिंग के सारे सब्जेक्ट होना आवश्यक है कहना चाहता हूं कि आपको ग्रेजुएशन तो चाहिए ही और हर क्षेत्र के लिए अलग-अलग योग्यताएं हो सकती हैं।

 

एसडीओ बनने के लिए कितनी उम्र चाहिए और इसमें कोटा कितना मिलता है।

 

एसडीओ बनने के लिए हमें 20 से 30 वर्ष की उम्र के बीच का होना आवश्यक है और अगर हम ओबीसी और एससी एसटी के श्रेणी से ताल्लुक रखते हैं तो हमें 3 से 5 साल की छूट मिल जाती है।

 

एसडीओ को तनखा कितनी मिल जाती है।

 

वैसे तो आजकल सरकार सरकारी नौकरी वालों को बहुत अच्छी तनख्वाह दे रही है पर मैं बता दूं एसडीओ को भी बहुत अच्छी तनखा मिलती है सुख का शुरुआती दिनों में एसडीओ को 25000 तक सैलरी मिल जाती है उसके बाद जब वे धीरे-धीरे अपना काम अच्छे से करने लगता है तो उसकी सैलरी कुछ ही सालों में दुगनी हो जाती है जैसे कि दो-तीन साल बाद उसको ₹50000 पर महीना मिलने लगते हैं और सरकार की तरफ से फ्री रहना और गाड़ी भी मिल जाती है।

 

एसडीएम और एसडीओ के बीच में क्या अंतर होता है।

 

एसडीओ को उप अधिकारी भी कहा जाता है और एसडीएम को उप प्रभागीय न्यायधीश कहा जाता है।

 

एसडीओ जो होता है वह सिर्फ अपनेविभाग की ही जिम्मेदारी लेता है पर जो एसडीएम होता है उसके सर पर पूरे जिले का भार होता है।

 

एसडीओ किसी जिले में कई हो सकते हैं पर एसडीएम जिले में सिर्फ एक ही रहता है।

 

सडीएम सिर्फ एक मिलेगा और एसडीओ वही उसी क्षेत्र में आपको पांच या छह देखने को मिलेंगे।

 

कहने का तात्पर्य यह है कि एसडीएम एसडीओ का मालिक होता है अगर वह चाहे तो वह एसडीओ को उसके पद से हटा भी सकता है।