धनतेरस 2020 कब है क्या कैसे करें। Dhanteras 2020 kab hai

धनतेरस हिंदू धर्म में यह एक बड़े स्तर पर पैसा खर्च करके बनाए जाने वाला त्यौहार है दिवाली के एक-दो दिन पहले ही इस त्यौहार का हमेशा ही उत्साह बनाया जाता है इस दिन हिंदू धर्म में सभी लोग सोना चांदी जेवर एवं बर्तन खरीदते हैं और कुछ भी नहीं चाहिए चीज भी खरीदते हैं जैसे कि घर मोटरसाइकिल गाड़ी आदि और वह इस दिन को बहुत ही भाग्यशाली समझते हैं और यह हिंदू धर्म का एक महंगा त्यौहार भी माना जा सकता है।

 

धनतेरस क्यों मनाया जाता है। Dhanteras kyon banaya jata hai..

 

 आप सभी ने शिवपुराण को पढ़ा होगा एवं हिंदू पुरातत्व काल की चीजों को भी याद रखते हो अगर नहीं तो मैं आपको बताता हूं उस समय एक समुंद्र मंथन नाम से जंग छिड़ी हुई थी देवता भी अपने आप को अमृत पीकर पिलाकर अमर बनाना चाहते थे और दूसरी तरफ देवता भी यही चाहते थे उस समय भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर आए और तभी से ही यह धनत्रयोदशी के नाम से जाना जाता है और आज इसे धनतेरस के नाम से बनाया जाता है इस दिन हिंदू धर्म में नए बर्तन खरीदने एवं आभूषण खरीदने का रिवाज है और सभी लोग इसको खरीदते भी हैं।

 

धनतेरस 2019 Dhanteras 2019

 

पिछले साल 2019 में धनतेरस को 25 अक्टूबर दिन शुक्रवार का था और बनाया गया था और इस पर्व को कार्तिक त्रयोदशी तिथि में बनाया गया था।

 

Dhanteras images download 2020

 

धनतेरस की तस्वीरें धनतेरस की तस्वीरों में हमें कुबेर की पूजा करनी चाहिए एवं लक्ष्मी माता और गणेश जी को भी पूछना चाहिए और हमारे हिंदू धर्म में दिवाली पर भी गणेश और लक्ष्मी जी को पूजा जाता है।

 

Happy Dhanteras 2020 शुभ धनतेरस 2020

 

इस साल धनतेरस का योग बड़े अच्छे तरीके से बन रहा है जिस तरह करवा चौथ का योग बन रहा है चंद्रमा के साथ मैं आपको बता रहा हूं कि धनतेरस पर आप इस बार सावधानी से शॉपिंग करें एवं अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी स्कोर बनाए और जितना आपको चाहिए उतनी खरीदारी करें और गरीबों में भी कुछ पैसों का दान करें जिससे आपको धन की प्राप्ति और ज्यादा होगी और बर्तन आभूषण भी जरूर खरीदें।

 

धनतेरस कब है। Dhanteras kab hai 2020

 

इस बार धनतेरस 13 नवंबर 2020 की है कार्तिक माह में

 

धनतेरस का शुभ मुहूर्त 2020 तिथि

 

धनतेरस की तारीख 13 नवंबर 2020

 

अहोई अष्टमी व्रत जानिए 2020

 

धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 5:00 बज कर 30 मिनट पर शुरू होगा और 5:58 पर खत्म हो जाएगा

 

धनतेरस पूजा की सामग्री एवं पूजा के लिए बताए गए उपाय

 

जैसा कि मैंने आपको बताया था कि धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी और गणेश जी तथा कुबेर जी को भी पूछना चाहिए और अपने घर में सुख शांति एवं नई चीजों का धारण करके नई बर्तनों को पूजना चाहिए

 

दोस्तों आपको अपने घर में एक छोटी चौकी लेकर उस पर लाल वस्त्र बिछाकर सत्या बनाए और गणेश जी को और लक्ष्मी जी को वहां बैठा कर अगरबत्ती और धूपबत्ती के साथ धनतेरस की कथा का वाचन करें।

 

धनतेरस पर करें उपाय और पाएं पैसों की भरमार

 

आपको गणेश और लक्ष्मी को एक साथ बिठाकर एक कपड़े में थोड़ी सौंफ और लॉन्ग को लेकर उन्हें बांध के ₹11 के साथ चढ़ाकर माता का नाम लेकर आपको अपनी समस्याओं को बताना है और भगवान जरूर आपकी समस्याओं का हरण जल्द ही करेंगे।

 

धनतेरस के दिन काली चौदस भी है तो उसके लिए आप थोड़े चावलों के साथ तिलो को रखकर सूर्य को जरुर चढ़ाएं।

 

Dhanteras date in India

 

Dhanteras date in India is 13 November 2020 at 5:30 to 5:58

 

Dhanteras wishes धनतेरस पर शुभकामनाएं

 

हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि हमें और हमारे परिवार को पैसों की कमी ना होने दें और सुख समृद्धि लाए ऐसा हाथ जोड़कर अपने दोस्तों रिश्तेदारों से भी बोले और वह भी आपको शुभकामनाएं देंगे और इसी तरह से सभी उस दिन धनतेरस पर शुभकामनाएं सभी से कहें

 

धनतेरस पर कही जाने वाली कथा

आइए बढ़ते हैं कथा की तरफ

एक बार भगवान विष्णु ने पृथ्वीं लोक पर भ्रमण करने के लिए सोचा उन्होंने यह बात माता लक्ष्मी से कही तो उन्होंने भी भगवान विष्णु के साथ चलने के लिए कहा। लेकिन विष्णु जी ने लक्ष्मी जी से कहा कि आप मेरे साथ तब ही चल सकती हैं। जब आप मेरी बात मानेंगी। लक्ष्मी जी ने विष्णु जी को इसके लिए हां कर दिया। इसे बाद दोनों पृथ्वीं लोक पर चले गए। पृथ्वीं लोक पर जाने के बाद विष्णु जी ने लक्ष्मी जी से कहा की आप यही रहो और मेरी प्रतीक्षा करो लेकिन जिस दिशा में मैं जा रहा हूं। उस और बिल्कुल मत देखना। यह कहकर भगवान विष्णु वहां से चल दिए। लेकिन लक्ष्मी जी नहीं मानी और विष्णु जी के पीछे चल दी। थोड़ी दूर जाने पर उन्होंने एक सरसो का खेत देखा जहां जाकर उन्होंने फूल तोड़े और अपना श्रृंगार किया। लेकिन विष्णु जी ने उन्हें देख लिया और उन्हें श्राप दिया कि तुमने चोरी की है। इसलिए तुम्हें 12 साल तक इस किसान की सेवा करनी पड़ेगी। जिसके बाद माता लक्ष्मी उस किसान के घर चली गई। वह किसान बहुत गरीब था। जब वहां लक्ष्मी जी पहुंची तो उन्होंने किसान से उनके घर रहने के लिए कहा। किसान ने एक बूढ़ी औरत को देखकर हां कर दिया।जिसके बाद उस किसान का घर धीरे- धीरे अन्न और धन से भर गया। इस तरह 12 साल बीत गए और जब भगवान विष्णु माता लक्ष्मी को लेने के लिए आए तो उस किसान ने माता लक्ष्मी को भेजने से मना कर दिया अब दोनों हाथ में जल लेकर हम समर्पण करेंगे कि हम कभी भी किसी के साथ बुरा नहीं करेंगे और गरीबों को थोड़ा सा दान पूर्ण करके अब आप अपनी पूजा को समाप्त करें।